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Hindi Diwas Par Kavita 2020 New Latest Hindi Diwas Special Poem Kavita हिंदी दिवस पर हास्य कविताए

Hindi Diwas 2020 Par Hasya Kavita Beautiful Best Poem on Hindi Diwas in Hindi 2020 Poem on Importance of Hindi Language in Hindi
: 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा चुनने का निर्णय लिया और इसी निर्णय को महत्व देने और हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है | हिंदी दिवस के दिन देश भर की तमाम शैक्षणिक संस्थानों और अन्य कार्यालयों में कार्यक्रम व हिंदी दिवस कविता प्रतियोगिता आयोजित की जाती हैं | इन प्रतियोगिताओं में बच्चे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं | हिंदी भाषा के प्रति अपना सम्मान प्रकट करने के लिए हिंदी दिवस पर कुछ चुनिंदा कविताएं Hindi Diwas Par Kavita Poem लेकर आये है | इन Hindi Diwas Poem Kavita के माध्यम से आप हिंदी दिवस कार्यक्रम के अवसर को और भी विशेष बना सकते है |

हिंदी दिवस पर कविताए Hindi Diwas Poem 2020

हिन्दी हमारी राष्ट्रीय भाषा है | हिंदी का साहित्य दुनिया के सबसे समृद्ध साहित्य में गिना जाता है | हिंदी दिवस व हिंदी भाषा के उपर आधारित यह Hindi Divas Per Vishesh Kavita Poem on Hindi Bhasha Ka Mahatva Hindi Diwas Kavita Poems in Hindi 2020 हिन्दी के महत्व और वर्तमान परिदृश्य में हिन्दी की स्थिति को वर्णित करती है | हिंदी के कई साहित्यकारों ने अपनी भाषा के प्रति प्रेम के लिए लोगों को अनेक कविताएं साहित्य की रचना कर प्रेरित किया है, हिंदी भाषा की प्रगति के लिए कई जगहों पर हिंदी दिवस कविता प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं | इस लेख के माध्यम से हिंदी दिवस पर कुछ ऐसी ही चुनिंदा कविताएं Hindi Diwas Best Short Small Poem Kavita हिंदी भाषा के सम्मान में लिखी गयी, हिंदी का महत्व बताती कविताएँ शेयर कर रहे हैं जो हिंदी भाषा के महत्व पर लिखी गई हैं | विद्यार्थी इन कविताओ का उपयोग हिंदी दिवस लेखन व गायन प्रतियोगिता में करके हिंदी का मान बढ़ा सकते हैं |

Hindi Diwas Par Hasya Kavita Poem

‘हिन्दी हमारी राष्ट्रीय भाषा’
हिन्दी-हिन्दु-हिन्दुस्तान,
कहते है, सब सीना तान,
पल भर के लिये जरा सोचे इन्सान
रख पाते है हम इसका कितना ध्यान,
सिर्फ 14 सितम्बर को ही करते है
अपनी राष्टृ भाषा का सम्मान
हर पल हर दिन करते है हम
हिन्दी बोलने वालो का अपमान
14 सितम्बर को ही क्यों
याद आता है बस हिन्दी बचाओं अभियान
क्यों भूल जाते है हम
हिन्दी को अपमानित करते है खुद हिन्दुस्तानी इंसान
क्यों बस 14 सितम्बर को ही हिन्दी में
भाषण देते है हमारे नेता महान
क्यों बाद में समझते है अपना
हिन्दी बोलने में अपमान
क्यों समझते है सब अंग्रेजी बोलने में खुद को महान
भूल गये हम क्यों इसी अंग्रेजी ने
बनाया था हमें वर्षों पहले गुलाम
आज उन्हीं की भाषा को क्यों करते है
हम शत् शत् प्रणाम
अरे ओ खोये हुये भारतीय इंसान
अब तो जगाओ अपना सोया हुआ स्वाभिमान
उठे खडे हो करें मिलकर प्रयास हम
दिलाये अपनी मातृभाषा को हम
अन्तरार्ष्टृीय पहचान
ताकि कहे फिर से हम
हिन्दी-हिन्दु-हिन्दुस्तान,
कहते है, सब सीना तान

Poem on Importance of Hindi Language in Hindi

हिंदी का सम्मान करो, यह हमारी राज भाषा,
मिलाती देशवाशियों के दिलों को यह, पूरी करती अभिलाषा |
देखो प्रेमचंद और भारतेन्दु के यह हिंदी साहित्य,
जो लोगो के जीवन में ठहाको और मनोरंजन के रंग भरते नित्य |
हिंदी भाषा की यह कथा पुरानी लगभग एक हजार वर्ष,
जो बनी क्रांति की ज्वाला तो कभी स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष |
आजाद भारत में भी इसका कम नही योगदान,
इसलिए हिंदी दिवस के रुप में इसे मिला यह विशेष स्थान |
विनती बस यही हिंदी को ना दो तुम यह दोयम दर्जे का मान,
हिंदी से सदा करो प्रेम तुम दो इसे विशेष सम्मान |
रोज मनाओ तुम हिंदी दिवस बनाओ इसे अपना अभिमान,
हिंदी है हमारी राजभाषा इसलिए दो इसे अपने ह्रदयों में विशेष स्थान |
अंग्रेजी की माला जपकर ना करो हिंदी का अपमान,
आओ मिलकर सब प्रण ले नित्य करेंगे हिंदी का सम्मान |

हिंदी दिवस पर कविता Hindi Diwas Poems Kavita

हिंदी थी वह जो लोगो के ह्रदयों में उमंग भरा करती थी,
हिंदी थी वह भाषा जो लोगो के दिलों मे बसा करती थी |
हिंदी को ना जाने क्या हुआ रहने लगी हैरान परेशान,
पूछा तो कहती है अब कहां है मेरा पहले सा सम्मान |
मैं तो थी लोगो की भाषा, मैं तो थी क्रांति की परिभाषा,
मैं थी विचार-संचार का साधन मैं थी लोगो की अभिलाषा |
मुझको देख अपनी दुर्दशा आज होती है बड़ी निराशा,
सुन यह दुर्दशा व्यथा हिंदी की ह्रदय में हुआ बड़ा आघात,
बात तो सच है वास्तव में हिंदी के साथ हुआ बड़ा पक्षपात |
हिंदी जो थी जन-जन की भाषा और क्रांति की परिभाषा,
वह हिंदी कहती है लौटा दो उसका सम्मान यही हैं उसकी अभिलाषा |
अपने ही देश में हिंदी दिवस को तुम बस एक दिन ना बनाओ,
मैं तो कहता हुं हिंदी दिवस का यह त्योहार तुम रोज मनाओ |
आओ मिलकर प्रण ले हम सब करेंगे हिंदी का सम्मान,
पूरी करेंगे हिंदी की अभिलाषा देंगे उसे दिलों में विशेष स्थान |

Poem on Hindi Bhasha ka Mahatva

पड़ने लगती है पियूष की शिर पर धारा
हो जाता है रुचिर ज्योति मय लोचन-तारा
बर बिनोद की लहर हृदय में है लहराती
कुछ बिजली सी दौड़ सब नसों में है जाती
आते ही मुख पर अति सुखद जिसका पावन नामही
इक्कीस कोटि-जन-पूजिता हिन्दी भाषा है वही

Hindi Diwas Par Special Poem Kavita

हिंदुस्तानी हैं हम गर्व करो हिंदी भाषा पर,
उसे सम्मान दिलाना और देना कर्तव्य हैं हम पर |
ख़त्म हुआ विदेशी शासन,
तोड़दो अब उन बेड़ियों को |
खुले दिल से अपनाओ इस खुले आसमां को,
लेकिन ना छोड़ो धरती माँ के प्यार को |
हिंदी हैं राष्ट्रभाषा हमारी,
इस पर करो जिन्दगी न्यौछावर सारी |

Hindi Diwas Par Best Kavita Poem

संस्कृत की एक लाड़ली बेटी है ये हिन्दी,
बहनों को साथ लेकर चलती है ये हिन्दी |
सुंदर है, मनोरम है, मीठी है, सरल है,
ओजस्विनी है और अनूठी है ये हिन्दी |
पाथेय है, प्रवास में, परिचय का सूत्र है,
मैत्री को जोड़ने की सांकल है ये हिन्दी |
पढ़ने व पढ़ाने में सहज है, ये सुगम है,
साहित्य का असीम सागर है ये हिन्दी |
तुलसी, कबीर, मीरा ने इसमें ही लिखा है,
कवि सूर के सागर की गागर है ये हिन्दी |
वागेश्वरी का माथे पर वरदहस्त है,
निश्चय ही वंदनीय मां-सम है ये हिंदी |
अंग्रेजी से भी इसका कोई बैर नहीं है,
उसको भी अपनेपन से लुभाती है ये हिन्दी |
यूं तो देश में कई भाषाएं और हैं,
पर राष्ट्र के माथे की बिंदी है ये हिन्दी |

Poem on Hindi Diwas 2020 in Hindi

हिंदी हैं हम, वतन है हिन्दुस्तान हमारा,
कितना अच्छा व कितना प्यारा है ये नारा |
हिंदी में बात करें तो मूर्ख समझे जाते हैं
अंग्रेजी में बात करें तो जैंटलमेल हो जाते |
अंग्रेजी का हम पर असर हो गया
हिंदी का मुश्किल सफ़र हो गया |
देसी घी आजकल बटर हो गया,
चाकू भी आजकल कटर हो गया |
अब मैं आपसे इज़ाज़त चाहती हूँ,
हिंदी की सबसे हिफाज़त चाहती हूँ |

Latest Hindi Diwas Kavita हैप्पी हिंदी दिवस 2020 कविता

जन-जन की भाषा है हिंदी
भारत की आशा है हिंदी……
जिसने पूरे देश को जोड़े रखा है
वो मजबूत धागा है हिंद ……
हिन्दुस्तान की गौरवगाथा है हिंदी
एकता की अनुपम परम्परा है हिंदी…
जिसके बिना हिन्द थम जाए
ऐसी जीवनरेखा है हिंदी…
जिसने काल को जीत लिया है
ऐसी कालजयी भाषा है हिंदी…
सरल शब्दों में कहा जाए तो
जीवन की परिभाषा है हिंदी…

Hindi Diwas Par Kavita हिंदी दिवस पर हास्य कविता

हिन्दी मेरे रोम-रोम में,
हिन्दी में मैं समाई हूँ,
हिन्दी की मैं पूजा करती,
हिन्दोस्तान की जाई हूँ……
सबसे सुन्दर भाषा हिन्दी,
ज्यों दुल्हन के माथे बिन्दी,
सूर, जायसी, तुलसी कवियों की,
सरित-लेखनी से बही हिन्दी……
हिन्दी से पहचान हमारी,
बढ़ती इससे शान हमारी,
माँ की कोख से जाना जिसको,
माँ,बहना, सखि-सहेली हिन्दी……
निज भाषा पर गर्व जो करते,
छू लेते आसमाँ न डरते,
शत-शत प्रणाम सब उनको करते,
स्वाभिमान….. अभिमान है हिन्दी…
हिन्दी मेरे रोम-रोम में,
हिन्दी में मैं समाई हूँ,
हिन्दी की मैं पूजा करती,
हिन्दोस्तान की जाई हूँ…

Hindi Diwas Kavita Poem in Hindi

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Best Poem on Hindi Diwas in Hindi
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम गाते हंसते हो
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम अपने सुख दुख रचते हो
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम सपनाते हो, अलसाते हो
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम अपनी कथा सुनाते हो
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम जीवन साज पे संगत देते
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम, भाव नदी का अमृत पीते
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुमने बचपन खेला और बढ़े
हूं वह भाषा, जिसमें तुमने यौवन, प्रीत के पाठ पढ़े
मां! मित्ती का ली मैंने… तुतलाकर मुझमें बोले
मां भी मेरे शब्दों में बोली थी – जा मुंह धो ले
जै जै करना सीखे थे, और बोले थे अल्ला-अल्ला
मेरे शब्द खजाने से ही खूब किया हल्ला गुल्ला
उर्दू मासी के संग भी खूब सजाया कॉलेज मंच
रची शायरी प्रेमिका पे और रचाए प्रेम प्रपंच
आंसू मेरे शब्दों के और प्रथम प्रीत का प्रथम बिछोह
पत्नी और बच्चों के संग फिर, मेरे भाव के मीठे मोह
सब कुछ कैसे तोड़ दिया और सागर पार में जा झूले
मैं तो तुमको भूल न पाई कैसे तुम मुझको भूले
भावों की जननी मैं, मां थी, मैं थी रंग तिरंगे का
जन-जन की आवाज भी थी, स्वर थी भूखे नंगों का
फिर क्यों एक पराई सी मैं, यों देहरी के बाहर खड़ी
इतने लालों की माई मैं, क्यों इतनी असहाय पड़ी…
Beautiful Poem on Hindi Diwas 2020 हिंदी दिवस के लिए जोरदार कविता
अंग्रेजी में नंबर थोड़े कम आते हैं,
अंग्रेजी बोलने से भी घबराते हैं,
पर स्टाइल के लिए पूरी जान लगाते हैं,
क्योंकि हम हिंदी बोलने से शर्माते हैं,
एक वक्त था जब हमारे देश में हिंदी का बोलबाला था,
मां की आवाज में भी सुबह का उजाला था,
उस मां को अब हम Mom बुलाते हैं,
क्योंकि हम हिंदी बोलने से शर्माते हैं,
देश आगे बढ़ गया पर हिंदी पीछे रह गई,
इस भाषा से अब हम नजर चुराते हैं,
क्योंकि हम हिंदी बोलने से शर्माते हैं,
माना, अंग्रेजी पूरी दुनिया को चलाती है,
पर हिंदी भी तो हमारी पहचान दुनिया में कराती है,
क्यों ना अपनी मातृभाषा को फिर से सराखों पर बिठाए,
आओ हम सब मिलकर हिंदी दिवस मनाए।
Hindi Diwas 2020 Poem हिंदी भाषा पर कविता
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे,
राष्ट्रभाषा हूं मैं अभिलाषा हूं मैं,
एक विद्या का घर पाठशाला हूं मैं,
मेरा घर एक मंदिर बचा लो मुझे,
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे,
देख इस भीड़ में कहां खो गई,
ऐसा लगता है अब नींद से सो गई,
प्यार की एक थपक से जगा लो मुझे,
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे,
मैं ही गद्य भी बनी और पद्य भी बनी,
दोहे, किससे बनी और छंद भी बनी,
तुमने क्या-क्या ना सीखा बता दो मुझे,
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे,
मैं हूं भूखी तेरे प्यार की ऐ तू सुन,
दूंगी तुझको मैं हर चीज तू मुझको चुन,
अपने सीने से एक पल लगा लो मुझे,
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे,
मैं कहां से शुरू में कहां आ गयी,
सर जमी से चली आसमां पा गयी,
वह हंसी पल मेरा फिर लौटा दो मुझे,
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे,
तेरी कविता हूं मैं हूं कलम तेरी,
मां तो बनके रहूं हर जन्म में तेरी,
अपना ए दोस्त आप बना लो मुझे,
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे।
Hindi Diwas Poem in Hindi Hindi Diwas Par Special Poem
हिंदी हमारी आन है हिंदी हमारी शान है,
हिंदी हमारी चेतना वाणी का शुभ वरदान है,
हिंदी हमारी वर्तनी हिंदी हमारा व्याकरण,
हिंदी हमारी संस्कृति हिंदी हमारा आचरण,
हिंदी हमारी वेदना हिंदी हमारा गान है,
हिंदी हमारी आत्मा है भावना का साज़ है,
हिंदी हमारे देश की हर तोतली आवाज़ है,
हिंदी हमारी अस्मिता हिंदी हमारा मान है।,
हिंदी निराला, प्रेमचंद की लेखनी का गान है,
हिंदी में बच्चन, पंत, दिनकर का मधुर संगीत है,
हिंदी में तुलसी, सूर, मीरा जायसी की तान है।,
जब तक गगन में चांद, सूरज की लगी बिंदी रहे,
तब तक वतन की राष्ट्रभाषा ये अमर हिंदी रहे,
हिंदी हमारा शब्द, स्वर व्यंजन अमिट पहचान है,
हिंदी हमारी चेतना वाणी का शुभ वरदान है।
Poem on Hindi Diwas in Hindi हिंदी भाषा के सम्मान में कविता
राष्ट्रभाषा की व्यथा,
दु:खभरी इसकी गाथ,
क्षेत्रीयता से ग्रस्त है,
राजनीति से त्रस्त है,
हिन्दी का होता अपमान,
घटता है भारत का मान,
हिन्दी दिवस पर्व है,
इस पर हमें गर्व है,
सम्मानित हो राष्ट्रभाषा,’
सबकी यही अभिलाषा,
सदा मने हिन्दी दिवस,
शपथ लें मने पूरे बरस,
स्वार्थ को छोड़ना होगा,
हिन्दी से नाता जोड़ना होगा,
हिन्दी का करे कोई अपमान,
कड़ी सजा का हो प्रावधान,
हम सबकी यह पुकार,
सजग हो हिन्दी के लिए सरकार।
Hindi Diwas Kavita in Hindi Latest Hindi Diwas Poem
एक डोर में सबको जो है बांधती वह हिंदी है,
हर भाषा को जो सगी बहन मानती वह हिंदी है,
भरी-पूरी हो सभी बोलियां यही कामना हिंदी है,
गहरी हो पहचान आपसी यही साधना हिंदी है,
सोते विदेशी रह ने रानी यही भावना हिंदी है,
तत्सम, तद्भव, देश विदेशी रंगों को अपनाती,
जैसा आप बोलना चाहे वही मधुर वह मन भाती,
नए अर्थ के रूप धारती हर प्रदेश की माटी पर,
खाली पीली बोम मारती मुंबई की चौपाटी पर,
चौरंगी से चली नवेली प्रीति प्यासी हिंदी है,
बहुत-बहुत तुम हमको लगती भालो-बाशी हिंदी है,
उच्च वर्ग की प्रिय अंग्रेजी हिंदी जन की बोली है,
वर्ग भेद को खत्म करेगी हिंदी वह हमजोली है,
सागर में मिलती धाराएं हिंदी सबकी संगम है,
शब्द, नाद लिपि से भी आगे एक भरोसा अनुपम है,
गंगा कावेरी की धारा साथ मिलाती हिंदी है,
पूरब-पश्चिम कमल पंखुरी सेतु बनाती हिंदी है
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